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समंदर का लहरों से रिश्ता ( भाग २ )

समंदर में आया तूफ़ान, लहरों ने खाया उफ़ान,

समंदर हुआ परेशान, करी कोशिश लूं लहरों को थाम,

लहरें थी चंचल, बेताब और बदमस्त,

ना रूकती, ना थमती, बस उफनती रहती,

लहरों की बेताबी, थी समंदर को सताती,

 

लहरों का तूफ़ान, करे समंदर को छलनी,

बेबस समंदर कहे आंसूओं को पी कर,

क्या कमी है मेरी गहराईओं में,

जो थाम ना सके तुमको बाहों में,

 

समंदर का दर्द बस चाँद ही समझता,

मुस्कुराकर बोला, “उफन लेने दो इन लहरों को,

थम जाने दो इन तूफानों को,

ना रोको इन्हें, ना टोको इन्हें,

किनारा करे आकर्षित इन्हें,

 

किनारा तो पराया है,

पर तू तो इसका साया है,

तूफ़ान तो पल भर आया है,

लहरों ने फिर भी तुम्हे ही अपनाया है.”

 

समंदर हुआ शांत, लिए आंसूओं को थाम,

कुछ तरसती आँखों से, कुछ सुबकती साँसों  से,

करने लगा लहरों के ठहरने का इंतज़ार ,

उसकी उदासी बस चाँद ही समझता.

इस कविता का पहला भाग है :

समंदर का लहरों से रिश्ता

 

 

 

 

 

 

 

 

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समंदर का लहरों से रिश्ता

समंदर ने कहा लहरों से, “कुछ देर तो थम जा बाहों में,
यूँ मचलती है क्यूँ , यूँ उछलती है क्यूँ,
क्या रखा हैं उन किनारों में.”
लहरें ना थमी , ना रुकी, ना ठहरी,
कहने लगी, “किनारा है मेरी मंजिल, ना तू मेरी राहों में,
किनारा करता है मेरा इंतज़ार , जाना है ज़रूरी , ना तू मेरे पास,

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समंदर था गहरा, हुआ अशांत और अकेला,
देख चंदा की शीतलता , आखिर पूछ ही बैठा ,
कैसे रोकूं इन चंचल लहरों को, कैसेे थामूं इन्हें अपनी बाहों मे ,”
चाँद मुस्कुराया और बोला, “तू परेशान है क्यूँ , तू उदास है क्यूँ,
तू तो समंदर है , लहरों का घर है,
किनारा तो एक आकर्षण है, एक भ्रम है,
उसकी धरती पर तो मिट्टी है, जो उङ जाती है हवाओं से,”

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समंदर हुआ शांत, धरधीर बहा के नीर,
चुपचाप देखता रहा लहरों को ,
लहरें आती जाती रहती ,
समंदर सिसकियाँ भरता रहता ,
कुछ तरसती आखों से , कुछ सुबकती साँसों से ,
दिल में दर्द को दबाये रहता ,
रात को चाँद फिर आया , अपनी शीतलता फिर लाया ,
समंदर फिर संभला , फिर कुछ ठहरा ,
उसकी उदासी बस चाँद ही समझता.

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The Far End of The Ocean

I am like a Phoenix, I burn myself down,

Only to re-emerge from my own ashes,
I create my own destiny, I create my own universe,
Thy world does not belong to me,
For, perhaps , I do not belong to thee,

Peace, solemnity and solace are words
Which I identify myself with,
The unspoken, in the spoken world,
A stranger in thy universe,
It’s a cage, I want to flee,

Someday, we will meet, in the far end of the ocean,
Where the heat melts and the horizons cheat,
Till then I will wait for thee,
For thy universe needs thee more,
With demands which are unending,

I see thee ever giving up, for that might be your destiny,
My world is always blissful and soothing like a remedy,
It’s a place which gives solace,
To the parched soul and the barren liasion,

I’ll wait for you till eternity or the day I shall die,
For I see thee remain unaffected by the pain residing in me,
The different worlds that we belong to,
The difference shall forever be,
The far end of the ocean I see as the only place for me and thee.

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​कुछ पाने की चाह मे

मैं भागती रही , दौड़ती रही,
कुछ पाने की चाह मे,

यह कर लूं, वह पा लूं, 

थमी नहीं रुकी नहीं,

लेकिन 

जीवन की शाम मे 

थोड़ा रुकी, थोड़ा थमी,

एक पल , एक क्षण के लिए,

क्या सोचा, क्या पाया, क्या खोया,

जो जैसा था , वो वैसा ही रहा।

मैं भाग रही थी, 

यूं ही कुछ पाने की चाह मे!

अब न कोई चाह है,

न कोई नई राह है।

शायद वह जीवन की कोई 

मृगतृष्णा थी।

जिसकी तलाश मे मैं,

भागती रही , दौड़ती रही,

कुछ पाने की चाह मे, 

जो पाया वो चाहा नहीं,

जो चाहा वो पाया नहीं, 

मैं दौड़ती रही,

कुछ पाने की चाह मे,

अब न तमन्ना हैं,

न ताकत है

फिर क्यों मैं भागी, 

कुछ पाने की चाह मे,

शायद यही जीवन का तथ्य है,

भागते रहो कुछ पाने की चाह मे।

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My Daughters My Pride

Why do I need to wear necklaces,

When I have the arms of my daughters around,

Why do I need any danglers,

When I have their chitter chatter about,

Why do I need any rings,

When I have their tiny fingers holding mine.

 

The two beautiful daughters of mine

Are far more precious than any diamond shine,

I don’t ever need any pearls,

I need not to wear any jewels,

Their sparkling smiles are my biggest treasure,

Their wonderful plays are my greatest pleasure.

 

One by one I hold them nearer,

So what if the world demands “the better”,

They are the better SUN than any SON,

Their talents are measurable to none,

They give so much love my heart can’t hold’

So pious are their hearts made of gold.

 

Easily I would say it to the world,

I am proud of my daughters,

Let the hanging heads mourn for “the good”,

Daughters are the blessing bestowed on you,

Thus, make merry and become joyous,

Be thankful to God for bringing His heiress.