Blogs, Poetry, हिन्दी

नारी है सम्मान की अधिकारी

नारी का करो सम्मान,

नारी है जीवन का आधार,

सुखद होगा तभी समाज,

जब पाएगी नारी समान अधिकार,

बन बेटी जब वो घर आए,

घर मे सुख शाँति लहराए,

खिलखिलाती प्यार फैलाए,

फिर भी अभिमान एक बेटा पाए,

लेकर बस्ता स्कूल वह जाए,

माँ बाप का सर गर्वित करवाए,

बने वकील, डाक्टर, अधिकारी,

सर्व सम्पन्न है आज की नारी,

बहु बने औऱ बने माँ जब,

त्याग की मूरत, ममता की सूरत,

घर बन जाए उसका सँसार,

फिर भी ना पाए अपना अधिकार,

नारी को गर मिले सम्मान,

पर्गति करे सारा समाज,

जो सुख शाँति घर मे आए,

वही सारे जग मे लहराए।

0 thoughts on “नारी है सम्मान की अधिकारी”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *