माँ एक बहुत ही महान शब्द है। इस एक शब्द में सारी सृष्टी बसी है। माँ बनना एक औरत के लिए बहुत सम्मान की बात होती है। माँ बनते ही एक औरत की ममता कब और कैसे जागृत होती है, पता ही नही चलता। इतनी दर्द सहने के बाद बच्चे का चहरा सामने आते ही वह सब भूल जाती है। उसका जीवन बच्चों के इर्द गिर्द ही घूमता रहता है। और वह स्वाभाविक ही है। बच्चा माँ का अभिन्न अंग होता है। माँ अपने बच्चे को कभी दुखी नही देख सकती। दिन रात बस इसी सोच में रहती है कि कैसे अपने बच्चे के खाने, कपड़े व पढ़ाई का ध्यान रखूं। गरीब हो या अमीर, हर माँ अपनी ताकत के हिसाब से, बच्चों का ख्याल रखती है।
किन्तु यह कैसी माँ है? पिछले दिनों ऐसी खबरें सुनने को आई कि विश्वास करने का मन नही हुआ। भिखारियों को तो देखा था अपने बच्चों से भीख मंगवाते पर पढ़ी लिखी औरतें भी अपने बच्चों के साथ ऐसा करें तो!
क्या कोई मां इतनी लापरवाह हो सकती है? रोहिनी में जुड़वा बच्चों के साथ हुआ हादसा बेहद दर्दनाक है। क्या कोई माँ छोटे बच्चों को घर में अकेला खेलते हुए छोड़ कर जा सकती है? कपड़े धोने की मशीन में पानी भर कर बाज़ार से सर्फ लेने चली जाती है और वह भी बाथरूम का दरवाज़ा खुला छोड़ कर? अपनी इतनी लापरवाही की वजह से उसे अपने दोनो जुड़वा बच्चों की जान से हाथ धोना पड़ा। ऊपर से बच्चों को बाहर जा कर ढूंढने लगी।
हम सब ये मानते हैं कि आज की ज़िंदगी में बहुत जद्दोजहद है। एक ही समय पर कई काम करने पड़ते हैं परंतु बच्चों के साथ तो लापरवाही की गुंजाइश ही नही हो सकती।
कुछ दिन पहले, एक और खबर पढ़ी। एक माँ अपने बच्चे को पीट पीट कर सीड़ियों से गिरा देती है। क्या इतना गुस्सा सही है? क्या इस तरह अपनी निराशा बच्चों पर निकालना सही है?
इसमें मासूम बच्चे का क्या दोष, उसे तो आपने ही जन्म दिया है। बच्चे तो कोमल पौधे की तरह होते हैं जिन्हें प्यार से सींचना होता है।
डाक्टर इसे मानसिक बिमारी कहते हैं। अगर ऐसा है तो बच्चों के पिता का फर्ज़ है कि माँ का ख्याल रखे व उसकी मदद करे।
ये कैसी माँ है जो गर्म पानी से भरी बाल्टी बाथरुम में रख कर रसोई में खाना बनाने चली जाती है। ये जानते हुए भी कि नन्हें बच्चे जाने कब कौन सी शरारत कर बैठे। इसका परिणाम वह भुगतती भी है। जब उसका अबोध बालक अनजाने में उस बाल्टी में गिर कर अपनी जान गंवा बैठा।
एक माँ को अपने बच्चे के साथ तब तक हर कदम पर साथ रहना चाहिए जब तक वे सही व गलत की परख न सीख जाएं।